Tuesday, February 26, 2019

सिर्फ़ 7 लोगों को पता थी हवाई हमले की टाइमिंग- प्रेस रिव्यू

द हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ पाकिस्तान के बालाकोट में चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग सेंटर पर मंगलवार की सुबह भारतीय वायुसेना के हमले की टाइमिंग की जानकारी सिर्फ़ सात लोगों को ही थी.

अख़बार के मुताबिक़ मंगलवार की सुबह तीन बजकर 40 मिनट से लेकर तीन बजकर 53 मिनट तक हुए इस हमले में मिराज लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया था.

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में 14 फ़रवरी को सीआरपीएफ़ पर हुए आत्मघाती हमले के बाद से ही ये माना जा रहा था कि भारत निश्चित तौर पर कोई कार्रवाई करेगा.

भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ को चरमपंथियों के ठिकाने चिन्हित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. रॉ ने चरमपंथियों के ऐसे छह ठिकानों की जानकारी उपलब्ध कराई थी.

ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़ इस हमले की टाइमिंग की जानकारी सिर्फ़ सात लोगों को थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, तीनों सेनाओं के प्रमुख, इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ के प्रमुख शामिल हैं.

22 फ़रवरी से ही वायुसेना ने अपने लड़ाकू विमानों को सीमा के निकट के एयरबेस से रात में उड़ान भरवाना शुरू कर दिया था ताकि पाकिस्तानी सेना को भ्रम में डाला जा सके.

25 फ़रवरी को ख़ुफ़िया जानकारी मिली कि बालाकोट के शिविर में जैश-ए-मोहम्मद के 300 से 350 चरमपंथी मौजूद हैं. इसके बाद एयरफ़ोर्स को हमले की हरी झंडी दे दी गई.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक. पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के हमले के बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की आंशका को देखते हुए दिल्ली, मुंबई और अन्य पाँच शहरों को अगले 72 घंटे के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है.

अख़बार ने ख़ुफ़िया विभाग के एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से लिखा है कि इनमें से तीन शहर पंजाब, राजस्थान और गुजरात में हैं.

पंजाब के गुरदासपुर, तरनतारन, अमृतसर, फ़िरोज़पुर और फजिल्का में भी प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार को एंटी टैररिस्ट स्क्वॉड और ख़ुफ़िया अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की.

नवभारत टाइम्स के अनुसार दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपये का बजट पेश किया.

दिल्ली सरकार ने दावा किया कि यह बजट 2014-15 में पेश बजट का दोगुना है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट को पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित किया.

सिसोदिया ने कहा, "वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अनुमानित 60 हज़ार करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है जो 2014-15 के बजट की तुलना में दो गुना है."

वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 53 हज़ार करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को सदन में मोदी-मोदी के नारे लगाने के कारण मार्शलों की मदद से बाहर निकाल दिया गया.

Wednesday, February 20, 2019

फिर सड़कों पर उतरेंगे महाराष्ट्र के 50 हज़ार किसान-पांच बड़ी खबरें

आज से शुरू होने वाल इस मार्च में 23 जिलों के किसानों ने हिस्सा लिया है. अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से मुंबई 180 किलो मीटर तक लॉन्ग मार्च करने के लिए नासिक में लगभग 50 हज़ार किसान पहुंच चुके हैं.

राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार से असंतोष जताते हुए एक साल के भीतर ये किसानों का दूसरा मार्च है.

पिछले साल मार्च महीने में किसानों ने कर्ज़माफ़ी, फ़सल बीमा, फ़सलों की उचित कीमत जैसी मांगों के साथ 180 किलो मीटर लंबा मार्च निकाला था.

बीजेपी और शिवसेना के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन तो हो गया है लेकिन दोनों पार्टियों के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही. मुख्यमंत्री पद को लेकर अब शिवसेना ने कहा है कि अगर आपको ये शर्त नहीं पसंद है तो गठबंधन तोड़ दें.

शिवसेना के नेता रामदास कदम ने कहा, ''शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन दो शर्तों पर हुआ है. पहला कोंकण में नानार रिफाइनरी परियोजना को खत्म करना और दूसरा है मुख्यमंत्री पद को ढाई-ढाई साल के लिए बांटना.''

''अगर बीजेपी अपने वादे को पूरा नहीं करना चाहती तो वह उसे अभी ही गठबंधन तोड़ देना चाहिए.''

हमने बहुत मनाया लेकिन कांग्रेस नहीं मानी-केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए वह कांग्रेस से गठबंधन करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस ये नहीं चाहती.

गुरूवार को एक रैली में केजरीवाल ने कहा, '' हमने कांग्रेस को मनाने की कई कोशिशें की लेकिन वो समझने को तैयार नहीं हैं. मुझे नहीं पता उनके दिमाग में क्या चल रहा है. अगर दिल्ली में हमारा गठबंधन हो जाता है तो सातों लोकसभा सीटों पर बीजेपी की हार होगी.''

कांग्रेस और डीएमके में गठबंधन पक्का

बीजेपी और सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के बीच गठबंधन होने के एक दिन बाद ही कांग्रेस ने राज्य में विपक्षी पार्टी और अपनी पुरानी सहयोगी डीएमके के साथ गठबंधन का ऐलान किया है. 39 सीटों में से कांग्रेस राज्य में 9 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं डीएमके 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. डीएमके तमिलनाडु में अपनी छह अन्य सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ेगी.

गठबंधन की घोषणा करते हुए एमके स्टालिन ने कहा: " एआईएडीएमके के खिलाफ लहर है और लोग बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं.''

ब्रेक्ज़िट के नए एजेंडे पर काम शुरू

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ज्यां क्लाड यंकर से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद टेरीज़ा मे ने मीडिया को बताया कि यंकर और वो इस महीने के आख़िरी में एक बार फिर मिलने पर सहमत हो गए हैं.

मे ने मीडिया को बताया, '' मैंने यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष यंकर के साथ एक सफल बैठक की. मैंने उनका ध्यान उन ज़रूरी क़ानूनी बदलावों की ओर दिलाया है जिनका सामना हमें ब्रेग्ज़िट के बाद करना होगा. हम दोनों मसलों का हल ढूंढने और इस बारे में लगातार काम करने पर राज़ी हो गए हैं. ये हम दोनों के हित में होगा कि ब्रिटेन जब यूरोपीय संघ से बाहर हो तो वो एक निर्धारित तरीके से बाहर हो.''

Thursday, February 7, 2019

小猪佩奇、欧盟英国关系与欧洲民主大家庭

欧洲大家庭的发展史不乏冲突,在全球化形势下,当代欧洲国家间的矛盾解决方式已经超出旧时代大国博弈传统模式。小猪佩奇提供了什么启迪?

一部极简线条勾勒的英国儿童动画,折射出英国人对现代家庭关系的理想解读,也同时反映出人类共同的人性特点。

所以,虽然小猪佩奇是以一个英国中产阶级家庭为背景构建的故事,但它突破了种族、国界和文化的差异,在全球已经超过180个国家激起无数孩子和家长的共鸣而相继流行,体现出全球化下人们的共同喜好与价值观。

在中国传统的猪年到来前,它在中国大江南北又火了一把。这条新闻又传回英国,似乎像是提示正在争议是否或如何与欧盟分家的英国人,世界其它地区正在关注着欧洲可能要破裂的大家庭。

小猪佩奇一家看似很简单,但每一集故事里猪主角间贯穿着矛盾和冲突:一个名叫佩奇的女孩小猪,天真可爱但时不时有点小蛮横粗鲁;弟弟小猪乔治活泼调皮、爱挑食,常哭闹,有时可能被佩奇欺负一下;(从小猪角度看)猪爸爸憨厚,但有时笨手笨脚,爱惹事生非,有时还犯迷糊,导致家庭旅行等各种不顺;幸好猪妈妈温柔贤惠、包容善良;但时不时还有个老顽童猪爷爷捣乱一把。

争吵、嫉妒和打架这些小孩子身上常见的特点都在故事里反映出来。

关键是,生活琐事的解决没有正义战胜邪恶,小猪佩奇更没有暴力冲突,冲突总是通过猪家长的爱、包容、幽默的教育技巧化解了。

这个以小猪为主角的动画片传递了满满的正能量,传递的是培养儿童良好的生活习惯和正确的思维方式的信息。

小猪佩奇的诞生,与英国社会文明水平和人们思想观念的进步是分不开的。在分析它作为艺术作品的成功秘诀之际,很多人指出了画风、故事情节、颜色等等技术独特性,但很少有人注意到英国和欧洲社会观念历史变迁对这一作品的影响。

在小猪佩奇诞生前,英国还有过一本以猪为主角、写给大人看的文学作品风靡世界,那就是英国作家乔治·奥威尔20世纪40年代写成的《动物农场》。

在这部著作中,一只名为拿破仑的猪带领着各种动物团结起来,赶跑了残酷压榨动物们的农场主。但拿破仑又变成了压榨其它动物的新领导。充斥这部作品的一个主题是物质匮乏时代的暴力阶级斗争,折射出从法国拿破仑到二战希特勒推进的欧洲一体化的时代烙印。

小猪佩奇诞生的时代完全变迁了:在欧洲经历了二战后半个多世纪经济、政治、文化、教育、艺术的民主自愿融合后,作为欧盟原来的主导成员国之一,不论英国人还是欧盟人,大多都早已丰衣足食,希望看到和建设的世界是一个和谐发展的民主世界。